जीवन में कुछ लोग दाल में लग रहे तड़के की तरह आते हैं। भले ही उनका प्रभाव थोड़े वक्त तक रहता है, पर वे दाल के स्वाद को पूरी तरह से बदल कर रख देते हैं। ऐसी ही एक कहानी है, जिसका एक पात्र मैं भी रह चुका हूं।सुगंधा—नाम सुनकर ही मन में एक सुकून का भाव उत्पन्न होता है। ऐसी ही एक लड़की से एक अनोखे तरीके से मेरी जान-पहचान हुई। सुगंधा शायद मुझे पहले से जानती थी, पर मैं इस बात से अनजान था कि वह मुझे पहचानती है।हमारी जान-पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई। मैं अक्सर अपनी इंस्टाग्राम