शान्ति शान्ति कमल चोपड़ा उसके नुचे हुए पंख, घायल देह और उखड़ी हुई साँसें देखकर उसके साथी दहल उठे— "हे महाश्वेत कपोत-श्रेष्ठ, कहें कि आपकी यह दशा क्यों और कैसे हुई? आप तो शान्ति का संदेश