तुमसे नफ़रत करना भूल गई

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कुछ लोग ज़िंदगी में इसलिए नहीं आते कि तुम्हें खुश करें — वो इसलिए आते हैं ताकि तुम खुद को पहचानो।   मेरा नाम ज़ारा है। और मैंने ज़िंदगी में एक ही गलती की — एक ऐसे इंसान से मदद माँगी जिससे मैं सबसे ज़्यादा नफ़रत करती थी। उसका नाम था — अर्जुन सिंह। पूरी दिल्ली यूनिवर्सिटी जानती थी कि वो कितना ठंडा है। कितना घमंडी है। कितना खामोश है — उस खामोशी से जो जवाब देने से ज़्यादा चुभती है। और मैं उससे दो साल से नफ़रत कर रही थी। तो फिर वो रात क्या थी — जब मेरी सबसे पुरानी