प्रेम न हाट बिकाय - भाग 44

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44— ==========  गाडियाँ (ट्रेन्स) ==============“मैं1988 मार्च 14 को जापान आयी थी। जापान में अंग्रेजी भाषा बिल्कुल नहीं है मुझे उस समय मालूम नहीं था।जापानी भाषा सीखने के लिए टोक्यो के एक स्कूल में जाना शुरू किया। उसके लिए गाडी (ट्रेन) से 1.30 घंटे का सफर करना होता था।ट्रेन का टिकट मशीन से खरीदना होता था। पहले तो बहुत मुश्किल लगा क्योंकि सब कुछ जापानी भाषा में लिखा था।बड़ी मुश्किल से टिकट खरीदकर प्लेटफार्म पर गई| अजीब नज़ारा था -- न कुली, न चायवाले की आवाज़, न समोसे की दुकानें | इनकी जगह वेन्डिंग मशीन में दो भाग देखे जिनमें ऊपर