प्रेम न हाट बिकाय - भाग 39

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39-- ------ “कैसे हो दीदी ?” रंजु का फ़ोन कोटा से आता रहता | उसका बात करने का यही स्टाइल और शुरुवात के ये ही शब्द होते थे | शब्दों में अपनापन लगता था और आना के चेहरे पर खुशी की चमक छा जाती थी |     वह बच्ची के बारे में, उसके व उसके माता-पिता के बारे में पूछती जैसे नॉर्मली बातें होती हैं, ऐसे ही बातें होतीं |   “क्या बात है ?ठीक हो?”आना ने उससे पूछा |उधर से कुछ ठंडी सी आवाज़ थी इस बार | “हाँ, सब ठीक है दीदी –बस—शीनोदा सान आने वाले हैं |