प्रेम न हाट बिकाय - भाग 35

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35-      फेरों पर  साची अजीब सी उत्सुकता से शीनोदा और रंजु को चक्कर लगाते  देखते रहे थे | वे पति पत्नी फेरों पर से उठे ही तो नहीं, यज्ञ की लपटों को देखकर बड़े असमंजस में रहे जैसे कोई अजूबा देख रहे हों |       शादी पूरी होने के बाद शीनोदा के सभी मित्र, रंजु, उसका परिवार, आना का परिवार और करीबियों  के लिए  एक लम्बी सी मेज़ पर भोजन की व्यवस्था की गई थी | उस पर  खाने के लिए सब  साथ ही बैठे, बातों का सिलसिला शुरू हुआ, साथ में मज़ाक भी चलते रहे |