32--- पता ही नहीं चलता एक के साथ एक रिश्ता कैसे खिंचता चला आता है और भरने लगता है एक सूनेपन को अपने मीठे अहसासों से !शीनोदा ने न केवल रंजु के साथ बातचीत की वरन एक परिवार के सदस्यों के साथ जैसे बैठकर कार्यक्रम बनाए जाते हैं, वैसे ही उसके परिवार व गौड परिवार के साथ सारे रीति-रिवाज़ों पर चर्चा की व विवाह की सारी रस्में चीज़ें फ़ाइनल कीं |पक्के भारतीयता भरे माहौल में शादी ! इस बार शीनोदा की शादी पक्की हो ही गई | लड़की व परिवार लगभग एक सप्ताह रहे | लड़की व