कुंभ्मन परेसान होकर कहता है--> ये....ये मुझे क्या हो रहा है । मैं....मैं ठीक से चल क्यों नही पा रहा हूँ। कुंम्भन अपने अंदर बहुत कमजोरी महसुस कर रहा था। कुंभ्मन गुस्से से कहता है--> ये मेरे अंदर क्या हो रहा है। मुझमे शक्ती का अभाव क्यो हो रहा है। मुझे कुछ याद क्यो नही आ रहा है , मुझे क्या हुआ था। इतना बोलकर कुंभ्मन मेला मे घटी घटना के बारे मे सौच रहा था । तभी उसे याद आ जाता है के उसपर किसी ने कोई शक्ती से प्रहार किया था। कुंम्भन अपनी छाती पर हाथ रखकर दर्द से कराहते हूए