भाग 1: रहस्यमय सफरअर्जुन एक 28 साल का पत्रकार था जो अपराध और रहस्य की कहानियों को कवर करता था। उसे अजीबोगरीब घटनाओं में दिलचस्पी थी। एक दिन, उसे एक अजीब सी खबर मिली - एक ट्रेन के बारे में जो हर अमावस्या की रात को एक छोटे से रेलवे स्टेशन पर रुकती है। लेकिन यह ट्रेन किसी भी रेलवे टाइम टेबल में नहीं है।स्थानीय लोग कहते थे कि यह "चुड़ैलों की ट्रेन" है। जो भी इस ट्रेन में चढ़ता है, वह वापस नहीं आता।अर्जुन ने इस रहस्य को सुलझाने का फैसला किया। अगली अमावस्या की रात, वह उस छोटे