लाल दाग़ - 5 - (अंतिम भाग)

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सुबह हुई और रोज़ की तरह माया स्कूल गई — जैसे वह हर दिन जाती थी।लेकिन आज उसके मन में एक अलग सोच थी।उसे लग रहा था कि अब सच में कुछ बदलाव लाना होगा।बच्चे पढ़ने आए।माया ने रोज़ की तरह सभी की क्लास ली।तभी उसने ध्यान दिया कि सुधा आज स्कूल नहीं आई थी।माया ने उसकी सहेलियों से पूछा।उन्होंने धीरे से बताया,“मैडम… इस समय कोई स्कूल नहीं आता।”माया यह सुनकर कुछ पल के लिए चुप रह गई।उसने मन ही मन सोचा —“अभी भी इतना सब हो रहा है…”फिर उसने बाकी लड़कियों से पूछा,“क्या तुम सब भी ऐसे ही छुट्टी