6- गीता सिंह ने कुछ चमचियों को इक्क्ठा करके अपना एक ग्रुप बनाया हुआ था जिसमें उनकी हमउम्र सहेलियाँ थीं जो उनकी जैसी ही मानसिकता को ओढ़-बिछाकर अपने शिक्षित होने का ठप्पा भी क्या--- अपने गलों में बोर्ड लटकाए घूमती रहती थीं | " तुमसे ही बात कर रही हूँ, बच्चों के स्कूल जाने के बाद कौनसे धंधे में बिज़ी रहती हो?" अनामिका के माथे पर बल पड़ गए—धंधा ! इस औरत को बात करने का सलीका नहीं है, वह जानती थी लेकिन इतनी बदतमीज़ !आना का दिमाग ठनक गया लेकिन उसने सोचा ऐसे इंसान