इंतेक़ाम - भाग 43

(16)
  • 330
  • 150

अब तक आपने पढ़ा कि निशा और विजय माता रानी का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाते हैं,,,,,निशा मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए दुकान पर से प्रसाद लेने लग जाती है, वहीं विजय मंदिर के एक कोने में खड़ा रहकर उसका इंतजार करने लगता है,,,,तभी कोई लड़की उसके पीछे से कंधे पर हाथ रखती है विजय उसे अच्छे से देख पाता उससे पहले ही वह लड़की उसके गले लग कर रोने लग जाती है,,,,,जब विजय जब उसे अपने आप से अलग करता है तो उसके मुंह से निकल पड़ता है लक्ष्मी तुम,,,,,,वह लड़की दयनीय अवस्था में थी उसने फटे