अस्पताल से निशा को लगभग 34 दिन के बाद छुट्टी दे दी गई संगीता अब हर वक्त उसके साथ रहकर उसका पूरा ख्याल रखती थी,,,,निशा के दोनों बच्चे भी अब अपनी मम्मा को ज्यादा परेशान नहीं करते शायद बेशक स्थिति को समझ रहे थे,,,वही विजय को भी छुट्टी मिल चुकी थी जब विजय की मां ने यह खबर सुनी तो वह रोते हुए विजय से कहने लगी बेटा तुम न यह क्या किया,,,,तब विजय अपनी मां से बोला मां मैं निशा के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं, बहुत प्यार करता हूं मैं निशा से,,,,यह कहते हुए उसकी आंखों