अक्स: जो पीछे रह गयानील एक पेंटर था जिसे शोर-शराबे से नफरत थी। इसी तलाश में उसने शहर के किनारे एक बेहद सस्ता, पुराना विला किराए पर लिया। विला के मालिक ने चाबियाँ सौंपते वक्त सिर्फ एक बात कही थी, "बेटा, रात को हॉल के बड़े आइने को ढंक कर सोना।"नील ने इसे पुराने ज़माने का अंधविश्वास समझकर हंसते हुए टाल दिया।पहली रात: एक अजीब सा अहसासनील ने अपने बेडरूम में सामान सेट किया। हॉल के बीचों-बीच वह विशाल, आदमकद आइना लगा था। उसका फ्रेम काले पीतल का था जिस पर अजीब सी आकृतियां बनी थीं। नील को लगा कि