डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 9

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काया के जाने के बाद घर की सूरत बदल गई थी, लेकिन वैसा कोहराम नहीं मचा जैसा भूपेंद्र ने सोचा था। वंशिका, जो अब तक आलस्य और सुविधा की आदी हो चुकी थी, उसने अपनी कमर कस ली थी। वह कोई कच्ची खिलाड़ी नहीं थी; शादी के शुरुआती सालों में उसने सास मनोरमा और अपनी मां के कठोर अनुशासन में रहकर घर चलाने की वह कला सीखी थी, जो किसी मैनेजमेंट स्कूल में नहीं सिखाई जाती।वंशिका ने सुबह जल्दी उठकर बच्चों को तैयार किया, उनके टिफिन में उनकी पसंद का खाना रखा और घर को एक व्यवस्थित रूप दे दिया।