मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 10

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भुतहा हवेली का रहस्यसर्दियों की एक ठंडी रात थी। गाँव के किनारे पर स्थित पुरानी हवेली को लोग "शापित हवेली" कहते थे। कहते हैं कि वहाँ से अक्सर अजीब आवाज़ें आती थीं—कभी किसी औरत की चीख, कभी बच्चों की रोने की आवाज़, और कभी घंटियों की झंकार। गाँव के लोग उस हवेली के पास जाना तो दूर, उसका नाम लेने से भी डरते थे।  रामेश्वर, जो कि एक युवा लेखक था, गाँव में अपने नाना-नानी से मिलने आया था। उसे रहस्यमयी कहानियाँ लिखने का शौक था। जब उसने हवेली की चर्चा सुनी, तो उसके भीतर जिज्ञासा जागी। उसने ठान लिया कि