मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 8

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अतृप्त आत्मा का आह्वान: काले कुएँ का अभिशापराजस्थान के रेतीले धोरों के बीच बसा 'कुलधरा' जैसा ही एक और गुमनाम गाँव था—भानपुर। इस गाँव के बीचों-बीच एक विशाल पत्थर का कुआँ था, जिसे ग्रामीण 'काला कुआँ' कहते थे। उस कुएँ के चारों ओर लोहे की मोटी जंजीरें लिपटी हुई थीं और उस पर बड़े-बड़े ताले जड़े थे। गाँव के बुजुर्गों का सख्त आदेश था: "सूरज ढलने के बाद कुएँ की परछाईं भी शरीर पर नहीं पड़नी चाहिए।"आर्यन, जो एक मशहूर 'पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर' (Paranormal Investigator) था, अपने तीन दोस्तों—समीर, सानिया और कबीर—के साथ भानपुर पहुँचा। आर्यन का मकसद इस पुराने कुएँ