एपिसोड 1 : एक आम सा दिनसुबह की हल्की धूप थी। आरव रोज़ की तरह बस स्टॉप पर खड़ा था। हाथ में मोबाइल था, लेकिन मन कहीं और उलझा हुआ। नौकरी, घर, ज़िंदगी—सब कुछ एक ही लूप में चल रहा था। तभी बस स्टॉप के पास चाय की दुकान से एक आवाज़ आई। दुकान वाला अपने फोन पर कोई कहानी सुन रहा था। आवाज़ में रहस्य था, दर्द था, और सुकून भी। आरव अनजाने में रुक गया। कहानी खत्म हुई तो दिल में कुछ अजीब सा महसूस हुआ—जैसे किसी ने उसकी अपनी बात कह दी हो।एपिसोड 2 : कहानी का