श्रापित एक प्रेम कहानी - 33

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दक्षराज कहता है--->" वो मार्ग मुझे बताइये बाबा। अघोरी कहता है--->" तेरे लिए दो रास्ते है दक्ष। एक जो मैंने तुझे पहले बताया था। दूसरा तुझे दोबारा परी साधना करनी होगी और परी को अपने के जाल में फसाना होगा और इस बार तुझे उसके साथ संभोग करना होगा। दक्षराज हैरान होकर कहता है-->" क्या कहा बाबा आपने संभोग ? वो भी परि के साथ। दक्षराज बाबा के बात से हैरान था क्योंकी बाबा ने अभी कहा परि के साथ संभोग करने से श्राप लगा है और बाबा अब अचानक से परि के संभोग करने को कह रहे है । अधोरी दक्षराज से कहता