कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस स्टेशन मुंबई की उन इमारतों में से एक था, जहाँ बाहर से देखने पर कुछ खास नहीं लगता, लेकिन अंदर कदम रखते ही एहसास हो जाता था कि यहाँ सिर्फ अपराध नहीं, ज़िंदगियाँ दर्ज होती हैं।हर दीवार पर टंगी घड़ियाँ जैसे समय नहीं, बल्कि इंतज़ार गिन रही थीं।सुष्मिता स्टेशन के अंदर दाखिल हुई।उसके हाथ में कैमरा बैग था, लेकिन दिल में सवालों का बोझ।सुष्मिता (मन ही मन):“सच को दिखाने के लिए हिम्मत चाहिए… और झूठ को छुपाने के लिए ताकत।”डेस्क पर बैठे कांस्टेबल ने उसे देखा।कांस्टेबल:“मैडम, किससे