इश्क के साये में - एपिसोड 3

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एपिसोड 3: रंगों में छुपा अतीतउस रात के बाद आरव की नींद जैसे उससे रूठ गई थी।हर बार आँखें बंद करता, उसे अनाया का चेहरा दिखता—वही उदास आँखें, वही अधूरी मुस्कान।कमरा अब भी वैसा ही था, मगर हवा में कुछ बदला हुआ था… जैसे किसी की मौजूदगी।आरव पेंटिंग के सामने खड़ा था।“तुम आओगी न?”उसने धीमी आवाज़ में पूछा।घड़ी ने बारह बजाए।मोमबत्ती की लौ काँपी।और फिर—रंग हिले।अनाया धीरे-धीरे पेंटिंग से बाहर आई। आज उसके चेहरे पर डर कम और थकान ज़्यादा थी।“आज तुम जल्दी आ गईं,” आरव ने कहा।“क्योंकि आज… मुझे तुम्हें कुछ बताना है,”उसकी आवाज़ में बोझ था।आरव ने