बेमिसाल यारी लेखक: विजय शर्मा एरीशब्द संख्या: लगभग १५००१गाँव का नाम था कल्याणपुर। गंगा किनारे बसा यह गाँव आज भी वही पुराना है, जहाँ बिजली कभी-कभी आती है और रात में तारे इतने साफ दिखते हैं कि लगता है हाथ बढ़ाओ तो छू लोगे।साल था उन्नीस सौ छियासी।राकेश और सोनू एक ही दिन पैदा हुए थे। राकेश की माँ ने उसे गोद में लिया तो सोनू की माँ ने भी अपने बच्चे को सीने से लगाया। दोनों घर पास-पास थे, सिर्फ़ एक आम का पेड़ बीच में। उसी पेड़ के नीचे दोनों ने पहली बार एक-दूसरे को देखा और हँस दिए।