स्नेह श्रद्धा

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स्नेह श्रद्धा                                  ( प्रतिकात्मक तस्वीर )      स्नेह ख़ुशी से नाच उठा. ऊस की भाव रंगी आंखो में कर्तव्य के मोती झलक उठे. श्रद्धा को दी गईं आशा ने अपना रंग दिखाया.. उसी के कारण ही श्रद्धा को अच्छा जोब मिल गया.      " श्रद्धा! तुम एक अर्जी लिख दो.