इश्क और अश्क - 38

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रात्रि: मुझे ये समझ नहीं आ रहा, सारे राज़ खुल गए हैं... तुम मेरे सामने हो, तुमने मुझे सब बता भी दिया, फिर इन सपनों का क्या मतलब है?एवी सोच में पड़ गया।रात्रि: कहीं ऐसा तो नहीं कि तुमने मुझे सब कुछ बताया ही नहीं?वो एवी को घूर रही है।रात्रि: कहीं ऐसा तो नहीं... कि तुम कुछ छुपा रहे हो?एवी घबरा गया और बोला: ये... ये... तुम... ये तुम क्या बोल रही हो?रात्रि कुछ नहीं बोली।दूसरी तरफ अगस्त्य अपने ऑफिस के लिए निकल गया।पर ये खबर थमने का नाम नहीं ले रही...अगस्त्य ऑफिस पहुंचा।अर्जुन: भाई... आप कुछ दिन के लिए