इश्क और अश्क - 27

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---उसने फोन रखा, और अपना कोट पहनते हुए बोला :"ये लड़की चलती-फिरती प्रॉब्लम की दुकान है।"और कार लेकर निकल पड़ा..."अगर कुछ देर पहले निकली है, तो शहर से बाहर नहीं गई होगी..."अगस्त्य ने परेशान होते हुए कहा।वो उसे फोन पर फोन किए जा रहा है, फोन रिंग भी हो रहा है लेकिन कोई उठा नहीं रहा।किसी और को फोन करके पूछ भी नहीं सकता, क्योंकि किसी का फोन वहाँ काम नहीं करता।(अगस्त्य गुस्से में)"मन तो कर रहा है छोड़ दूँ इसे इसी जन्म में...बाक़ी देखा जाएगा अगले जन्म में।"थोड़ी देर में रात्रि का फोन बंद जाने लगा।अगस्त्य और परेशान हो