मुहल्लेदार

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इंदुबाला का समस्त जीवन मेरी आंखों के सामने बीता था। उस की आकस्मिक मृत्यु भी मैं ने प्रत्यक्ष देखी थी। उन्नीस सौ पचपन के आसपास जब उस का जन्म हुआ तो मैं पांचवी कक्षा में पढ़ता था। उस दिन जब मैं स्कूल से लौटा था तो मेरी चचेरी बहन ने बताया था, ”मां और चाची पड़ोस में गयी हैं। लाला जी के घर पर बेटी हुई है।” बाद में मुझे पता चला, इंदुबाला ललाइन के आठवें व अंतिम गर्भ की परिणति थी। ललाइन के पिछले सात गर्भों में केवल एक गर्भ ही बचा रहा था— सात वर्ष पहले जन्मी इरावती