सुबह से रिमझिम रिमझिम बारिश हो रही है और अतुल अपने कमरें की खिड़की से अपने बगीचें की ओर देख रहा है कि कैसें बारिश की बूँदें पेड़ ,पौधों,फूलों और पत्तों को भिंगो रहीं हैं,सालों पहले भी उसने अपने कमरे की खिड़की से किसी को भीगते हुए देखा था,वो कितनी खुश हो रही थी बारिश की बूँदों में नहाकर,उसने अपनी छतरी को भी खुद़ पर से हटा दिया था, लेकिन उसकी नज़रें जैसें ही अतुल से मिली तो वो पहले थोड़ी शर्माई और बाद में गुस्सा दिखातें हुए चली गई और उसकी इस हरकत से अतुल की चेहरें पर एक