प्रेम-तपस्या

(6k)
  • 10.1k
  • 3
  • 2.1k

जीवन लाल जी ने अपने घर का लोहे का गेट खोला और निकल पड़े सुबह सुबह की सैर को,रास्ते में आते जाते लोगों से राम- राम और दुआ-सलाम करते उन्हें सारा गाँव प्यार से बड़े भइया कहता फिर वो चाहे बड़ा हो या छोटा या रिश्ते मे कुछ भी लगता हो,ये नाम उनको उन लोगों ने दिया था जिनकी उन्होंने बुरे वक्त़ मे मदद की और देखा देखी सभी उन्हें बड़े भइया कहने लगे,सैर करने के बाद वो घर पहुँचते,तब तक बंसी बगीचे में चाय और पेपर के साथ हाजिर हो जाता,बगीचे की कुर्सी में बैठकर जीवन लाल जी चाय