दह--शत - 21

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दह--शत [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] एपीसोड – 21 ऋचा ने पड़ौसिन का स्वागगत किया “मैं ऋचा हूँ। अंदर आइए।” “मैं आपसे माफ़ी माँगने आई हूँ। आपके यहाँ के गृहप्रवेश के समय हम लोग बाहर थे, आ नहीं पाये।” “कोई बात नहीं। आपके फ़्लैट का ताला देखकर अफ़सोस हो रहा था कि नज़दीक के