बाली का बेटा (19)

(2.4k)
  • 10.4k
  • 3.8k

19 बाली का बेटा बाल उपन्यास राजनारायण बोहरे लंका में अंगद राम दल में चर्चा चल रही थी कि आगे की रणनीति क्या बनाई जाय? कोई कहता कि अब देर करना उचित नहीं, सीधे हमला कर देना चाहिये। किसी का कहना था कि एक खबर भेजकर रावण को युद्ध का आमंत्रण दिया जाय। कोई सलाह देता था कि हमारी सेना की मौजूदगी की खबर से बौखला कर रावण खुद हम पर हमला करेगा, इसलिए धीरज से उसके आगे बढ़नेकी उम्मीद की जाय। जामवंत ने कहा ‘‘ प्रभू, कूटनीति और राजनीति की