स्मृति भाग-1 स्मृति, अपने नाम की ही तरह अब बस एक याद बनकर रह गई थी। कुछ नही जानता था मैं क्या हुआ उसके साथ, कहाँ गयी वो, जिंदा भी है या नहीं। शायद अब मैं उसे भूल चुका था या यूं कहो कि अब मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मैं अपनी बीवी अंतरा और अपने बेटे राघव के साथ खुश था। गुड इवनिंग पापा कहते हुए राघव आया तो मैने पाया कि ये सब सोचते सोचते कब शाम हो गयी पता ही नही चला, "पापा आपको पता है आज मेरे साथ क्या हुआ, आज मैंने एक