दिन:- वैलेंटाइन्स डेसमय:- शाम 7 बजेमेरी नजर हमेशा की तरह मेरे फ़ोन पर थी, लेकिन फोन हाथ मे नहीं था। बल्कि टेबल पर आराम फरमा रहा था। मेरी फोन से बात हो रही थी। पंजाबी में उसे कई श्लोक सुना रहा था। दरअसल फोन से गुहार लगा रहा था कि फोन बज जाए और फोन की स्क्रीन पर लड़की का नाम हो जिसके साथ डेट पर जाने के सपने देखें हो। यह वैलेंटाइन डे भी कितना अजीब होता है न साल के बाकी दिन चाहे सिंगल होने का महसूस न होता हो लेकिन इस दिन सिंगल होना बहुत बड़ा पाप हो