कैलासी को किसी की भी परवाह नहीं थी वो बस अपने सैर सपाटे और सिनेमा में व्यस्त रहती थी अगर कोई पूछता तो बोलती यहाँ के लोगों को सिनेमा के महत्त्व का कोई ज्ञान ही नहीं, फिर तो आसपास की महिलाओं में भी इस की चर्चा होने लगी...