उन आतंकवादियों से मिले भारी संख्या में हथियार, गोला बारूद और दस्तावेज़ जिसमे सेना कैंप का नक्शा भी था, से इस बात का खुलासा हुआ अगर उस रात मेजर शौर्य उन पाँच दुर्दांत आतंकवादियों को नहीं मार गिराते तो वे आतंकवादी सेना कैंप में घुस कर ना जाने कितने जवानों को शहीद कर देते।