टुकड़ा-टुकड़ा ख़त

(6.3k)
  • 8.7k
  • 2.1k

किशोर मनोविज्ञान को उकेरती यह कहानी पुरुष सत्तात्मक समाज के दोहरे मापदंडों को उजागर करती है । बिना लाउड हुए ये कहानी नारी समानता का संदेश देती है । (राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु कहानी )