दारू लेना नहीं। (पूर्ण रूप से काल्पनिक कहानी)

दारू लेना नहीं। (पूर्ण रूप से काल्पनिक कहानी)

कॉलेज इसी जगह है जहां हम पूरी दुनिया का ज्ञान सीखते है।

राहुल अपने दोस्तो से: अरे भाई ये  हमारी कॉलेज का अंतिम साल है इस बार तो हमे कॉलेज के टूर पर जाना चाहिए।

लोकेश: हा हा क्यू नहीं हमारा पूरा दोस्तो का ग्रुप जाएगा।

टूर राजस्थान का था।

अमन: अरे दोस्तो इसबार राजस्थान का प्लान है चलो पैसे देके नाम लिखा देते हैं।

सारे दोस्तो ने अपने राजस्थान टूर में नाम दर्ज करवा दिया।

दोस्तो का ग्रुप।
राहुल जो एकदम तेज दिमाग वाला था।

अमन जो एक हट्टा कट्टा

लोकेश जो एक टाइम आने पर कुछ भी कर जाने वाला

ओर लास्ट में

विजय जो तेज दिमाग, लगता था पतला पर बवाल के टाइम सबको पछाड़ने वाला पर वो थोड़ा सर ओर बुरी आदत से बहोत डरता।

१४-१२-२०१०

रात के करीब १:३० बजे

ठंडी ठंडी हवा चल रही थी।

लोकेश राहुल से: अरे यार क्या ठंडी हवा चल रही है ।

राहुल:अरे तू देख केसे राजस्थान को हिला कर रख देंगे।राहुल ने हस्ते हुए कहा।

लग्ज़री कॉलेज के ग्राउंड पर अा गई थी।

राहुल: अरे लोकेश ये अमन ओर विजय कहा रह गए?

लोकेश: मैने अभी ही विजय से बात की बस वो लोग निकल रहे है।

करीब १:४५ को लग्ज़री राजस्थान के लिए रवाना हुई।

राजस्थान ।

पधारो मारे देश रे।

लोकेश :अरे वाह क्या नज़ारा है।

विजय: अरे ये तो कुछ भी नई अभि हम पूरा राजा का महल देखने जाएंगे।

ये टूर ४ दिन का था।

पूरा दिन घूमने के बाद।

सब टेंट में रुके हुए थे।
बहार मस्त ठंडी ठंडी हवा चल रही थी।

करीब रात के २ बजे।

राहुल ओर लोकेश के टेंट से बियर कि बॉटल खोलने की आवाज आई।

अमन ओर विजय का टेंट बाजू में ही था।

वो दोनों भी उनलोगो के टेंट में गए।

अमन राहुल से: अरे राहुल ये बियर कहा से लाया।

राहुल जोर से हस्ते हुए: किसी से कहना मत जिस जगह पर हम रुके है इस जगह में काम करते एक बंदे से मैने बात की तो उसने मुझे लेकर दिया।

विजय हमेशा की तरह डरते हुए..

विजय: अगर सर ने देख लिया तो?

लोकेश:अरे विजय तू खामा खा टेंशन लेता है। कुछ नई होगा ये  ले पी।

विजय:में नई पिता तुम लोग पियो।

राहुल:तू तो पीले अमन।

अमन:ला ।

करीब ४ बजे

विजय टोइलेट के लिए बहार निकला तो क्या देखा उसने।

अमन टेंट के बाहर वॉमिटिंग कर रहा था।

विजय ने राहुल ओर लोकेश को भी जगा दिया।

कड़ी मशक्कत के बाद अमन को कंट्रोल किया।

सुबह ५ बजे

सर ने सबको जगा दिया।

अमन की तबियत थोड़ी नाजुक जरूर थी पर ठीक था।

अब सब चाई नाश्ता करके फिर निकल पड़े।

अब लास्ट यानी ४ दिन जब सुबह से शाम तक घूम लिया था ।

यानी अब टूर लगभग ख़तम हो चुका था।

अब रात को ये लोग एक होटल में रूके थे।

रात के करीब ९ बजे खाना खाके

सब सर से पूछ के टहलने निकल पड़े।

राहुल को आगे एक दारू वाले की दुकान देखी।

राहुल ओर लोकेश खुश हो गए।

पर अमन ने मना कर दिया।

पर राहुल ओर लोकेश कहां मानने वाले थे।

उन दोनों ने २ बॉटल दारू की अपनी पेंट में छुपा कर केसे भी कर के अपने रूम में ला दी।

अमन ओर विजय ने तो मना कर दिया पीने से।

क्यूंकि होटल में दारू लेजाना मना था।

अब करीब १२:३० हुए होंगे।

तब राहुल ने जैसे ही दारू की बोतल खोली की अचानक होटल की लॉबी में दारू की बोतल फुटने की आवाज़ आई।

ये चारो तो डर गए क्यूंकि इन्हें लगा कि दारू की बोतल इन लोगो ने ली है तो ये लोग ही फसेंगे।

विजय की तो बोलती ही बंध हो गई।

राहुल ने फटाफट बोतल बंध करके अपने बैग में छिपा डी ओर सब लोग लॉबी में जमा हो गए।

सर ओर होटल का मैनेजर बहार आया।

मैनेजर जोर से चिल्लाते हुए:किसने यहां बोतल फोड़ी ?

सच सच बताओ नहीं तो में पुलिस को कॉल लगाता हूं।

हमारे  करीब के सर को पता था कि पूरे लास्ट ईयर के क्लास में हम ही मस्ती खोर थे।

सर ने हमें चुप चप अंदर खिसक जाने को कहा।

सर ने मिलकर जैसे तैसे मैनेजर को समझाया

ये चारो घभरा गए।

हालाकि की ये बोतल किसने फोड़ी यह तो इन चारो को भी नई पता था।

राहुल: सर कभी भी चेकिंग में अा सकते है।

विजय: अब तो पक्का मारेंगे मैने तो पहले ही बोला था..

लोकेश: चुप कुछ करते है ह जुगाड।

राहुल ने अपना दिमाग लगाया।

राहुल ने दोनों दारू की बोतल पानी की बोतल रखने के कवर के अंदर रख दिया।

विजय: अरे ये क्या किया इधर तो सर को पता चल जाएगा।

राहुल:नई सर सिर्फ बैग ओर बेड वगैरा देखेंगे उनको जरा सा भी शक नहीं होगा कि हमने पानी कि बोतल रखने के कवर के अंदर रखी है।

इतना बोलते ही रूम का दरवाजा खटखटाया।

लोकेश ने अंदर साश लेकर दरवाजा खोला।

सर:मुजको पता है कि तुम लोग ही होंगे।
जल्दी से बैग खोलो । दिखाओ तुम्हारे पास ही बोतल होंगी।

सबने अपना अपना बैग खोल कर देखा दिया।

अब सर चले गए ओर मैनेजर को प्रोमिस किया कि अब कुछ ड्रामा नई होंगे अगर होंगा तो हम होटल छोड कर चले जाएंगे।

सर:अब कोई भी अपने रूम से बाहर नई निकलेगा।

पर इन चारो के अंदर एक ही सवाल था कि आखिर बोतल किसने फोड़ी।

अब टेंशन तो दूर हो गया था पर अब ४ मेसे तीन लोग दारू पीने से मना कर रहे थे।

विजय
अमन
लोकेश

२ बोतल अकेला राहुल तो नई पी सकता ।

इसलिए रात के करीब २:३० बजे राहुल ने एक बोतल खोली और मस्त खिड़की खोल के

मस्त ठंडी ठंडी हवाओं के साथ पूरी बोतल पी गया साथ में सोडा ओर तिखी सिंग भी खा रहा था।

तभी लोकेश उठा ओर वो भी ठंडी ठंडी हवा खा रहा था पर उसने दारू नई पी।

अब सुबह के करीब ५ बजे सर ने सबको बताया कि अब सब चाई नाश्ता करके सीधा घर के लिए रवाना होंगे।

पर अब मुसीबत ये थी कि १ दारू की बोतल कहा फेंके क्यूंकि घर तो नई ले जा सकते क्यूंकि बॉर्डर पे चैक करेंगे।

इसलिए राहुल ने फिरसे दिमाग लगाया उसने अपने बैग की जगह एक्स्ट्रा बुट लाया था उसमे एकदम अंदर तक एक बोतल छुपा दी ओर उपर मोजे रख दिए।

सुबह का टाइम था अंधेरा था क्यूंकि ठंडी का टाइम था।

अब जब ४  नाश्ता कर रहे थे तभी विजय के पीछे बैठे एक स्टूडेंट ने बताया कि कल

रात जो बॉटल फोड़ी थी वो उन्लोगो ने ही फोड़ी थी।

इन चारो का दिमाग हील गया ।

हालाकि उस स्टूडेंट ने सर को बताने से मना किया।

राहुल:अरे टेंशन मत लो कुछ पता नई चलेगा तुम बोलो।

स्टूडेंट: रातको टहलने के बाद मेरे दोस्त ने एक बोतल छुपा कर लाया था।

हम ३ लोग थे हालाकि हम २ ने तो पीने से इंकार किया।

उसने पूरी बोतल पी ली ओर पूरा नशे में था कि उसने दारू की बोतल होटल के बाहर डालना चाहा

पर संतुलन खोने के कारण बोतल लॉबी में जाकर गिरी ओर फूठ गई।

विजय: तो सर जब चेक करने आए तो पता केसे नई चला।

स्टूडेंट: हमको पता था कि सर चैक करेंगे इसलिए हमने जैसे बोतल फूठी वैसे ही मेरे दोस्त को टोइलेट में बंध कर दिया वो वहीं नशे में सो रहा था।

सर चैक करके गए पर कुछ पता नई चला।

बाद में हमने उसको बहार निकाल के सुला दिया।

लोकेश: वाह वाह क्या दिमाग लगाया ऐसा दिमाग तो हमारा राहुल भी नई लगा सकता।

अब लग्जरी स्टार्ट हुई बस अभी राहुल को सही टाइम देख के वो बची हुई १ बोतल फेकनी थी।

राहुल ने जैसे ही आगे जंगल जैसा आया उसने तुरंत बॉटल निकाल के फ़ेक डी।

थोड़ा अंधेरा था इसलिए ड्राइवर की नजर नई पड़ी।

अब जब ४ बाते कर रहे थे तभी लोकेश ने कहा कि हमसे ज्यादा तो १ ईयर के स्टूडेंट्स में ज्यादा डेरिंग है।

विजय : शेर के उपर सवा शेर होता हि है।

राहुल ने हस्ते हुए कहा: तू सही बोल रहा है विजय

ओर ऐसे ही टूर ख़तम करके घर आने के बाद ४ ने कभी दारू की ना बात की ना कभी पीने का प्रोग्राम बनाया।

आप भी ध्यान रखे दारू ओर स्मोकिंग अपने शरीर के लिए हानिकारक है।

धन्यवाद।

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Rekhaben Parmar

Rekhaben Parmar 1 महीना पहले

Kishan Suryavanshi

Kishan Suryavanshi 6 महीना पहले

Shaba Shaikh

Shaba Shaikh 6 महीना पहले

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