ज्यादातर साइबर ठग ईडी, सीबीआई, क्राइम ब्रांच, पुलिस, आईटी, आरबीआई, ट्राई का डर दिखाकर पैसे ऐंठने का काम करते हैं। यह वस्तुतः, डर को भुनाने का मकड़जाल है, जिसमें आमजन फंसकर अपनी गाड़ी कमाई लुटा बैठते हैं। भारत में डिजिटल अरेस्ट स्कैम की शुरूआत 2023 में हुई, जिसे आज हम डिजिटल पैमेंट सिस्टम के महादोष के रूप देख रहे हैं।
साइबर क्राइम - 1
ज्यादातर साइबर ठग ईडी, सीबीआई, क्राइम ब्रांच, पुलिस, आईटी, आरबीआई, ट्राई का डर दिखाकर पैसे ऐंठने का काम करते यह वस्तुतः, डर को भुनाने का मकड़जाल है, जिसमें आमजन फंसकर अपनी गाड़ी कमाई लुटा बैठते हैं।भारत में डिजिटल अरेस्ट स्कैम की शुरूआत 2023 में हुई, जिसे आज हम डिजिटल पैमेंट सिस्टम के महादोष के रूप देख रहे हैं।कई ठग कुरियर सर्विस जैसे फिडेक्स, ब्लूडार्क, एक्सप्रेस, डीटीडीसी का कर्मी बताकर दावा करते हैं कि उनके नाम से फलां एयरपोर्ट या रेल्वे स्टेशन पर अवैध पैकेट फंसा पड़ा है।ऐसा ठग खुद को कस्टम ...और पढ़े
साइबर क्राइम - 2
गतांक से आगे...केस नंबर-2फर्जी शेयर ट्रेडिंग से 94 लाख की साइबर ठगी-छग राज्य के ही रायपुर के देवेंद्र नगर में अपराध दर्ज किया गया कि सीए आशीष कृष्णानी और उनकी पत्नी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 94 लाख की आनलाइन ठगी हुई है।इसकी जांच रेंज साइबर थाना की टीम ने शुरू की, तो पता चला कि शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर पश्चिम बंगाल के 24 परगना का 12वीं पास साइबर ठग ने उक्त सीए से भारी-भरकम रकम ठग लिया है।आरोपी भाई-भाई नामक इंटरप्राइजेस कंपनी बनाकर बैंक खाता खोला था और उसमें ...और पढ़े