बरसात की शुरुआत थी, पर आसमान बिल्कुल साफ़ और नीला दिख रहा था. बारिश की कोई उम्मीद न थी. फिर भी कॉलेज जाने समय सुरेखा ने यह सोच कर छाता ले लिया कि धूप से बच सके. उसके हॉस्टल से कॉलेज एक किलोमीटर की दूरी पर था. दोपहर के बाद जब वह कॉलेज से निकली चार बज रहे थे, आकाश में घने बादल छाये थे. उसने सोचा 10 मिनट से भी कम समय में वह अपने हॉस्टल पहुँच जाएगी शायद इस बीच बारिश न हो. वह तेज क़दमों से हॉस्टल की ओर बढ़ रह रही थी.

Full Novel

1

अमीर गरीब - 1

( एक अमीर लड़की सुरेखा ने रघु को उसकी गरीबी के चलतेअपने योग्य नहीं समझा और उसके प्यार कोठुकरा ) भाग-1 बरसात की शुरुआत थी,पर आसमान बिल्कुल साफ़ और नीला दिखरहा था.बारिश की कोई उम्मीद न थी.फिर भी कॉलेज जाने समय सुरेखा ने यह सोच करछाता ले लिया कि धूप सेबच सके.उसके हॉस्टल से कॉलेज एक किलोमीटर कीदूरी पर था.दोपहर के बाद जब वह कॉलेज से निकली चार बज रहे थे,आकाश में घने बादल छाये थे.उसने सोचा 10 मिनट से भी कम समय में वह अपने हॉस्टल पहुँच जाएगी शायद इस बीच बारिश न हो.वह तेज क़दमों से हॉस्टल ...और पढ़े

2

अमीर गरीब - 2

(पिछले अंक में आपने पढ़ा कि सुरेखा को रघु में कोई दिलचस्पी नहीं थी. अब आगे पढ़ें रघु ने उसकी सहेली रागिनी के पिता की जान बचायी…. ) भाग 2 सुरेखा और रागिनी दोनों बी ए कर चुकीं थीं.कुछ ही दिनों बाद सुरेखाशहर छोड़ कर अपने पिता के पास जा रही थी, रागिनी तो इसी शहर में रहती थी.रागिनी ने कहा “ सुरेखा, अब तो नाराजगी छोड़ो, पता नहीं तुम कहाँ होगी और मैं कहाँ.चलो एक बार रघु की दुकान पर चलते हैं.“ दोनों सहेलियां दुकान पर पहुंची.दोनों ने महसूस किया किउन्हें देखते ही रघु की आँखें ख़ुशी से ...और पढ़े

3

अमीर गरीब - अंतिम भाग

(पिछले अंक में आपने पढ़ा कि रघु ने कैसेसुरेखा की सहेली रागिनी के पिता की जान बचायी.आगे पढ़ें रागिनी रघु से सहर्ष शादी कीऔर अत्यंत कठिन समय में रघु और रागिनी ने कैसे सुरेखा की मदद की…. ) अंतिमभाग “ क्या मतलब,तुम्हारी छंटनी भी हो सकती है ? “ “ यह असंभव तो नहीं है.पर सुना है कि 25 प्रतिशत लोगों का ले ऑफ होगा.तुम अगर रागिनी से मेरी पैरवी करो तो बचना निश्चित है.इतना ही नहीं तुम उनसे कहो कि मैं फिलहाल मैनेजर हूँ,मुझे सीनियर मैनेजर का पद मिलना चाहिए.“ “ नहीं बाबा मैं यह पैरवी नहीं कर ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प