दोहे : सुशील यादव

(4.1k)
  • 19.1k
  • 4.2k

जिससे भी जैसे बने ,ले झोली भर ज्ञान चार-दिवस सब पाहुने ,सुख के चार-पुराण मिल जाए जो राह में, साधू -संत -फकीर चरण धूलि माथे लगा ,चन्दन , ज्ञान-अबीर जिससे भी जैसे बने ,ले झोली भर ज्ञान चार-दिवस सब पाहुने ,सुख के चार-पुराण मिल जाए जो राह में, साधू -संत -फकीर चरण धूलि माथे लगा ,चन्दन , ज्ञान-अबीर