देह के दायरे - 23

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देह के दायरे - 23 पूजा सुबह में चाय लेकर पंकज के कमरे में गई - देव बाबू कुछ कम से वापिस घर पर ए और पूजा को अपने कमरे में न देख उसको अंदाजा हो गया की वे अपने निर्णय में सफल होते जा रहे है पढ़िए आगे की कहानी, देह के दायरे