पुनर्विवाह केतन के दशगात्र का कार्यक्रम चल रहा था, केतन की पत्नी दीया बिलख बिलख कर रो रही थी |उसके सुहाग उतारने का कार्यकर्म तालाब किनारे किया गया , आस पड़ोस व दूर दराज से आये परिजन व रिश्तेदार घाट पर मौजूद थे ।दीया की चूड़ियां तोड़ी जा रही थी ,सिंदूर पोंछा जा रहा था, इस अवसर पर दीया बिलख पड़ी ।उसके सामने खड़ी उसकी सासू मां सुमन भी बिलख कर गिर कर