यमलोक कस्टमर केयर: कृपया लाइन पर बने रहें!यमलोक के मुख्य दरबार में आज अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। सदियों से यहाँ गूंजने वाला गहरा सन्नाटा आज गायब था। लकड़ी की एक पुरानी, नक्काशीदार मेज पर सदियों पुरानी लाल बही-खाता एक तरफ खिसका दी गई थी। उसके पन्नों पर धूल जम चुकी थी। उसकी जगह अब एक काले रंग का चमचमाता लैपटॉप खुला रखा था, जिसकी नीली रोशनी चित्रगुप्त की आँखों में चुभ रही थी। मेज के कोने पर रखा 5G वाई-फाई राउटर लगातार हरी और नीली बत्तियाँ झपका रहा था, मानों किसी अनहोनी का इशारा कर रहा हो।सिंहासन पर