यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

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                         : प्रकरण -29उस क़े बाद दो और बड़ी फ़िल्म कंपनी थी, जिस की बहुत बोलबोला थी.' राजश्री प्रोडक्शन ' जिस की नीव तारा चंद बड़जात्या ने 60 के दायके में रखी थी, जिसे उन क़े तीन बेटे राज कुमार, अजित कुमार ओर कमल बड़जात्या ने अपने सक्रिय और सामूहिक प्रयासों से 50 साल से भी अधिक समय तक जीवित रखा था. एक से बढ़कर एक फिल्मो का उपहार देकर नया इतिहास रचा था.पहली ही फिल्म ' आरती ' ने हीं डंका बजा दिया था. जो एक गुजराती नाटक