यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

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                       : प्रकरण - 18 : एक दिन सुजाता के चचेरे भाई का फोन आया था." मेरे डैडी मरने से पहले एक बात कहकर गये हैं." संभव कुमार को अपनी कंपनी में ऱख लेना! "सुनकर मैं बहुत खुश हुआ था. ईश्वर का शुक्रिया माना था. इस नौकरी के साथ भगवान ने मुझे अनमोल उपहार दिया था.जिस का नाम संगीता था. मैंने उस के नाम का अंग्रेजी करण किया था' म्यूजिका' यह नाम उसे बहुत पसंद आया था.वह दक्षिण भारतीय लड़की थी.उस के पिताजी कोमी दंगल का शिकार हो गये थे.