यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई

                         : प्रकरण -9 ललिता बहन से बातचीत का नाता कुछ समय तक टूट गया था. उन की सभी हरकते फ़िल्म की खल नायिका ललिता पवार जैसी थी. ईस लिये मैं उन्हें उसी नाम से हीं बुलाता था.मुझे उन की फ़िक्र नहीं थी. सुजाता के साथ बात करना, उस के साथ बाहर घूमना, फिल्मे देखना, होटल में जाना हमारा मेनू बन गया था. बाजू में रहने के बावजूद ललिता पवार को उस की भनक तक नहीं आनी दी थी.उस की कोलेज की ओर से ' सरस्वती चंद्र ' फिल्म का