: प्रकरण -6 : तब मैं जूनियर बी ए में पढता था. कोलेज का पहला सत्र शुरू हुआ था. उस वक़्त बारिश भी शुरू हो गईं थी. इस स्थिति में मेरे पिताजी मेरे लिये नया छाता खरीद लाये थे.सत्र शुरू हो चूका था. एक सप्ताह भी बीत गया था.और मैं अपना नया छाता लेकर कोलेज गया था. रिशेष के दौरान मैं अपना नया छाता बेंच के पीछे लटका कर दोस्तों के साथ चाय नास्ता करने के लिए कैंटीन में गया था. वापस आकर देखा तो मेरा छाता अपनी जगह पर नहीं था.