तुलना न करें बच्चों में

  • 339
  • 120

-तुलना की कैंची से मत काटिए अपने बच्चों के प्रेम को "देख शर्मा जी के बेटे को, 95% लाया है और तू?""तेरी बहन कितनी समझदार है, तू तो नालायक है।"ये बातें हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। पर क्या आपने यह भी सुना है?"बड़े ने तो मुझे सोने की चेन दी, तूने क्या दिया?""छोटी बहू तो मेरी सेवा करती है, बड़ी को तो फुर्सत ही नहीं।""तू किस काम का बेटा है, जो तेरे भाई ने किया वो तू कभी नहीं कर सकता।"पहली तुलना बचपन को तोड़ती है और दूसरी तुलना बुढ़ापे में पूरे परिवार को बिखेर देती है।क्या ये पंक्तियाँ