### पहचान### सीज़न 1 — अध्याय 2### रावलपिंडी से पलायनरावलपिंडी की उस सुबह में कुछ भी असामान्य नहीं था। सूरज रोज़ की तरह निकला था। गलियों में दूध बेचने वालों की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं। दुकानदार अपनी दुकानें खोलने की तैयारी कर रहे थे और घरों में औरतें दिन के काम में जुटी थीं।सरदार जोगिंदर सिंह का परिवार भी इसी सामान्य दिन की शुरुआत कर रहा था।पंद्रह वर्षीय जोगिंदर अपने पिता के साथ बैठा नाश्ता कर रहा था। उसकी माँ रोटियाँ परोस रही थीं। घर के दूसरे सदस्य भी वहीं बैठे थे। बातचीत का विषय परिवार के रोज़मर्रा के