भाग एक: एक नई सुबह और नताशा का अल्टीमेटमअगली सुबह मुंबई में हमेशा की तरह तेज रफ्तार से शुरू हुई. धूप कांच की उस बडी सी बिल्डिंग पर पड रही थी, जिसके अंदर' रायचंद कॉर्प' का मेन ऑफिस था. पूरे ऑफिस में एक अलग ही हडबडी थी. कॉर्पोरेट एम्प्लॉइज अपने हाथों में आईपैड और कॉफी के कप लिए इधर- उधऱ भाग रहे थे. हर कोई बस अपने काम में डूबा हुआ था.ठीक सुबह के आठ बजने में पंद्रह मिनट बाकी थे जब कायरा ने बिल्डिंग के अंदर कदम रखा. उसने आज नेवी ब्लू रंग का एक बहुत ही क्लासी फॉर्मल