भाग 15 — आस्था और अंधविश्वासजिलिंगटांडी गाँव के एक छोर पर स्थित विशाल पेड़ के नीचे उस शाम पंचायत सजी हुई थी। समय लगभग साढ़े सात-आठ बजे का था। गाँव के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग, नौजवान और समाज के कई प्रतिष्ठित लोग वहाँ एकत्रित थे। चारों ओर अँधेरा गहराने लगा था, लेकिन पंचायत में चल रही चर्चा ने वातावरण को गंभीर बना रखा था। अधिकांश लोगों का मानना था कि जब से रामलाल और उसके परिवार ने उस दिकू गुरु से दीक्षा ली है, तब से गाँव में हैजा, डायरिया और दूसरी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। कुछ लोगों को आशंका